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IRCTC होटल टेंडर केस में लालू परिवार को बड़ा झटका? राउज एवेन्यू कोर्ट में आज अहम फैसला

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IRCTC होटल टेंडर घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 16 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोप तय करने पर आज दिल्ली कोर्ट फैसला सुनाएगी।

पटना/आलम की खबर: बिहार की राजनीति से जुड़ा सबसे चर्चित और लंबे समय से चल रहा IRCTC होटल टेंडर घोटाला मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा फैसला आने वाला है। इस फैसले पर पूरे देश की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं क्योंकि इसमें राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित कई बड़े नाम शामिल हैं।

इस मामले में अदालत यह तय करेगी कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएं या नहीं। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने पिछली सुनवाई के दौरान अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था और आज 9 जून को इस पर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। कुल 16 आरोपियों के भविष्य का निर्णय आज की सुनवाई पर निर्भर करेगा।

यह पूरा मामला भारतीय रेलवे के तहत आईआरसीटीसी के दो महत्वपूर्ण होटलों—रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटल्स—के टेंडर आवंटन से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे, तब इन होटलों के संचालन और विकास का ठेका नियमों को दरकिनार करते हुए एक निजी कंपनी को दिया गया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस प्रक्रिया में सुजाता होटल्स नामक कंपनी को फायदा पहुंचाया गया और बदले में इस कंपनी के निदेशकों द्वारा पटना में एक कीमती जमीन बेहद कम कीमत पर लालू परिवार से जुड़ी कंपनी को ट्रांसफर की गई। ईडी का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया एक योजनाबद्ध मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार का हिस्सा थी, जिसमें टेंडर नियमों का उल्लंघन किया गया।

इस केस की जांच दो प्रमुख एजेंसियों द्वारा की जा रही है। सीबीआई ने पहले ही इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी थी, जिसमें आईपीसी की धारा 420, 120B और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। उस मामले में ट्रायल पहले से चल रहा है। वहीं, आज का फैसला ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस (PMLA) से जुड़ा हुआ है।

ईडी की चार्जशीट में यह कहा गया है कि आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और अदालत से अनुरोध किया गया है कि सभी आरोपियों पर औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएं। इस केस में कुल 16 आरोपी हैं, जिनमें तत्कालीन रेलवे अधिकारी, कारोबारी और सुजाता होटल्स के निदेशक भी शामिल हैं।

इन आरोपियों में लालू प्रसाद यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, बेटी मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव भी शामिल हैं। इसके अलावा आईआरसीटीसी के तत्कालीन अधिकारी वीके अस्थाना और आरके गोयल तथा कारोबारी विजय कोचर और विनय कोचर का नाम भी आरोपियों की सूची में है।

अगर आज अदालत सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश देती है, तो यह मामला नियमित ट्रायल के अगले चरण में प्रवेश करेगा। इसका मतलब होगा कि अब सभी आरोपियों को कोर्ट में नियमित रूप से पेश होना होगा और मुकदमे की लंबी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि PMLA केस में आरोप तय होना ही एक महत्वपूर्ण मोड़ होता है, जो आगे चलकर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर बड़े प्रभाव डाल सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस फैसले का असर बिहार की राजनीति पर भी पड़ सकता है, खासकर आगामी चुनावी समीकरणों में। राजद नेतृत्व के लिए यह मामला पहले से ही संवेदनशील रहा है और आज का फैसला इसे और महत्वपूर्ण बना देता है।

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